आप सोच भी नहीं सकते कि कितनी बीमारियों का इलाज है मडुआ का आटा

on February 07, 2020

Madua/ragi flour health benefits

 

मडुआ के आटे के बारे में आपने सुना होगा। हो सकता है कि आपने इसका इस्तेमाल भी किया होगा। विशेषकर जिउतिया पर्व के दौरान तो इसी के आटे को प्रयोग में लाया जाता है। उत्तराखंड में तो यह मडुआ के नाम से ही जाना जाता है, मगर दक्षिण भारतीय क्षेत्रों में इसे तेलुगू और कन्नड़ में रागी के नाम से भी जानते हैं। मडुआ के फायदे दरअसल बहुत से हैं। रोटी, जूस, उपमा, सूप, डोसा, चॉकलेट, चिप्स, बिस्किट्स और दवा आदि बनाने तक में इसका इस्तेमाल होता है। कैल्शियम, ट्रिपटोफैन, प्रोटीन, मिथियोनिन, आयरन, लेशिथिन और रेशे जैसे पौष्टिक तत्‍व मडुआ के आटे में प्रचुरता से पाये जाते हैं। उत्तराखंड के लाभकारी मडुआ के आटे को गेहूं के आटे के साथ मिलाकर सेवन किया जाए तो सेहत के लिए यह बहुत ही फायदेमंद होता है। यहां हम आपको मडुआ यानी कि Ragi के Health Benefits के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

 

मडुआ का आटा नहीं है किसी देसी दवा से कमः ये हैं Top Benefits

 मडुआ के आटे के सेवन के फायदे निम्नवत् हैं:

 सर्दी-जुकाम के साथ गले के दर्द और खरास में आराम

 सर्दी-जुकाम एक आम समस्या है, जिससे अक्सर हम और आप जूझते रहते हैं। ऐसे में बार-बार इसके लिए एलोपैथी दवा से लेने से बेहतर है कि इसका घरेलू उपचार ढूंढ़ा जाए। आपको इसके लिए अदरक का एक चम्मच रस निकालकर इसमें 5-6 पीसे हुए लौंग को मिलाकर आधा लीटर पानी में उबाल लेना है और आधा कटोरी मडुआ के आटे को मिलाकर इसे पानी में उबाल लेना है। इसे खाने से न केवल सर्दी-जुकाम से राहत मिलेगी, बल्कि गले का दर्द दूर हो जायेगा और खरास भी खत्म हो जायगी।

 

चेहरे की ताजगी रखता है बरकरार

 मडुआ के फायदे की बात करें तो यह आपके चेहरे को तरोताजा रखकर इसे जवां बनाये रखने में मदद करता है। मडुआ के आटे में एमिनो एसिड की मौजूदगी इसका सेवन करने पर स्किन टिश्यूज को झुकने नहीं देकर झुर्रियां पड़ने से बचाती है। विटामिन डी भी मडुआ में प्रुचर मात्रा होता है, जिसकी वजह से इसके आटे से तैयार रोटी को आहार में लेने से त्वचा न केवल खूबसूरत बनती है, बल्कि इससे बने फेस पैक को लगाने से चेहरे से दाग-धब्बे भी गायब हो जाते हैं।

 

दूर करता है खून की कमी

 शरीर में खून की कमी, जिसे कि एनिमिया के नाम से जानते हैं, इसकी गिरफ्त में आये कम हीमोग्लोबिन वाले मरीजों के लिए भी मडुआ बहुत ही लाभकारी होता है। इसे अंकुरित करके खाने से विटामिन सी के स्तर को शरीर में बढ़ाने में मदद मिलती है। साथ ही शरीर में आयरन का पाचन आसानी से हो पाता है और आसानी से खून में भी यह मिल जाता है। यदि आप लगातार 15 से 20 दिनों तक उत्तराखंड के लाभकारी मडुआ के आटे से बनी रोटी हरी पत्तेदार सब्जी के साथ आहार में लेते हैं, तो इससे खून की कमी शरीर में नही रहती है।

 

हड्डियों को रखता है मजबूत

 मडुआ या Ragi के Health Benefits में से एक महत्वपूर्ण लाभ यह भी है कि यह हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है। जी हां, इसके आटे में कैल्शियम का मात्रा 80 फीसदी तक होती है। यही वजह है कि मडुआ के आटे से बनी रोटी खाने से शरीर को कैल्शियम पर्याप्त मात्रा में मिलने से हड्डियों की बीमारी ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव हो पाता है।

 

नहीं होने देता कब्ज

 कहते हैं कि शरीर में अधिकतर बीमारियों की वजह कब्ज ही होती है। पेट में यदि कब्ज न हो तो शरीर बेहतर तरीके से अपना काम कर पाता है। मडुआ का आटा इसमें भी बड़ा ही लाभकारी है। यह पाचन शक्ति को एकदम दुरुस्त कर देता है। वास्तव में मडुआ या रागी, उन अनाजों में से एक है, जो बहुत जल्दी पच जाता है। इससे कब्ज दूर ही रहता है। साथ ही मडुआ में मौजूद फाईटो एसिड भी कब्ज से लड़ता है और पेट में इसे पनपने नहीं देता।

 

घटाता है मोटापा

 मोटापा आज की तारीख में एक बड़ी समस्या दुनियाभर में बन गई है। इससे निजात पाने के लिए लोग क्या नहीं कर रहे हैं? यहां तक कि इसके लिए लोगों ने सर्जरी तक करवानी शुरू कर दी है, लेकिन प्राकृतिक तरीके से इसे कम करने से बेहतर और कोई उपाय हो ही नहीं सकता। मडुआ में फैट की मात्रा बेहद कम होने के साथ-साथ इसमें एमिनो एसिड और रेशे बहुतायत में होते हैं, जिससे इसका सेवन करने से वजन घटाने में मदद मिलती है। मोटापा इससे दूर भागता है।

 

तनाव से निकालता है बाहर

वास्तव में मडुआ का आटा नहीं है किसी दवा से कम, क्योंकि इसमें मौजूद एमिनो एसिड और एंटीऑक्सीडेंट्स प्राकृतिक तरीके से तनाव से उबरने में मददगार होते हैं। रागी का सेवन माइग्रेन की बीमारी से भी बचाव करता है।

 

नियंत्रण में रहता है रक्तचाप

यदि आप रोजाना मडुआ के आटे से बनी रोटी खाएं और इसके बाद नींबू पानी एक गिलास पी लें तो इससे आपका रक्तचाप नियंत्रित रहेगा। यहां तक कि इसमें रक्तचाप की समस्या को ठीक करने की भी क्षमता होती है।

 

मधुमेह में लाभदायक

आधुनिक जीवनशैली के कारण तनाव की वजह से मधुमेह आज बड़ी समस्या बन गई है। यदि आप मधुमेह की बीमारी की चपेट में आ चुके हैं और अपना शुगर लेवल कंट्रोल में रखने में आपको दिक्कत आ रही है तो आपको मडुआ के आटे से बनी रोटी खानी चाहिए। इससे ब्लड शुगर लेवल कम होता है।

 

बढ़ाता है ब्रेस्ट मिल्क

मडुआ में पाये जाने वाले कैल्शियम, फाइबर, फोलिक एसिड, आयरन और कई तरह के विटामिन महिलाओं के शरीर में खनिजों की पूर्ति करते हैं, जिससे ब्रेस्टमिल्क का बढ़िया उत्पादन होता है। नियमित रूप से मडुआ की रोटी खाने वाली महिलाओं को ब्रेस्ट मिल्क की कमी से नहीं जूझना पड़ता है।

 

निष्कर्ष

यहां आपने मडुआ के फायदे के बारे में पढ़ा। उत्तराखंड के लाभकारी मडुआ की उपयोगिता को देखते हुए आपको भी इसे अपने आहार में शामिल कर ही लेना चाहिए, ताकि आपकी सेहत इससे अच्छी बनी रहे और किसी भी तरह की बीमारियों से आपके शरीर का बचाव होता रहे।

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