औषधीय गुणों से भरपूर है आंवला, जानिये कैसे करें इसे भोजन में शामिल?

on March 12, 2020

Indian gooseberry (amla) health benefits

आंवला एक ऐसा फल है, जो प्रायः सभी घरों में इस्तेमाल में आता है। है तो ये बहुत छोटा सा, लेकिन लाभ इसके इतने हैं कि पूछिये मत। अब आप चाहें इसका आचार बनाकर खाएं या मुरब्बा बनाएं, जूस बनाएं या औषधि के रूप में प्रयोग करें, हर तरीके से ये लाभकारी है। कई तरह के औषधीय गुणों से परिपूर्ण आंवला को अंग्रेजी में जहां एम्ब्लिका मायरोबेलन या इंडियन गूजबेरी (Indian gooseberry) के नाम से जानते हैं, वहीं संस्कृत में इसके लिए अमृता, आमलकी, अमृतफल और पंचरसा जैसे शब्दों का भी इस्तेमाल हुआ है। तो चलिए यहां हम आपको बताते हैं कि किस तरह से औषधीय गुण इसमें विद्यमान हैं और इसके फायदे मुख्य रूप से क्या है?

आंवले के औषधीय गुण

मिटाता है गले की खराश

अपने एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुणों की वजह से बदलते मौसम की वजह से होने वाली गले की खराश को आंवला दूर करता है। इसके लिए इसका काढा बनाकर आपको इसे इस्तेमाल में लाना चाहिए। करना ज्यादा कुछ नहीं है। बस आंवला का रस एक कप निकाल कर इसमें थोड़ा बारीक कटा अदरक मिला दें और एक चम्मच शहद मिलाकर इसे काढ़े या सिरप की तरह पी जाएं।

बचाता है दिल की बीमारियों से

भागदौड़ भरी जिंदगी और अनियमित खानपान की वजह से हाई कोलेस्ट्रॉल व दिल की बीमारियां तेजी से पांव पसार रही हैं। ऐसे में आंवले का सेवन करने से एथेरोस्क्लेरोसिस और कोरोनरी आर्टरी (atherosclerosis and coronary artery disease) जैसी दिल की गंभीर बीमारियों से बचाव हो पाता है।

डायबिटीज पर नियंत्रण

आज जब असुंतलित खानपान की वजह से डायबिटीज की समस्या उम्र देखकर नहीं आ रही है तो ऐसे में आंवले का प्रयोग न केवल रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को कम करता है, बल्कि डायबिटीज के मरीजों में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को भी घटाकर उनकी सुरक्षा करता है। इसके लिए बस आपको रोजाना सुबह दो चम्मच आंवला के जूस में चुटकी भर हल्दी मिलाकर उसके मिश्रण का सेवन करना है। ब्लड शुगर इससे आपका नियंत्रण में आ जायेगा। इस पर फिलहाल वैज्ञानिक शोध भी कर रहे हैं।

बढ़ती उम्र के प्रभाव पर नियंत्रण

आंवले में एंटी-ऑक्सीडेंट गुण की वजह से कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने से एक हद तक बचाने की क्षमता होती है। जब आंवले का हल्दी के साथ मिलाकर आप सेवन करते हैं, तो दोनों के ही औषधीय गुणों से भरे होने की वजह से बढ़ती उम्र के प्रतिकूल प्रभावों को एक सीमा तक यह शरीर पर हावी नहीं होने देता है।

विषैले पदार्थों से मुक्त होता है शरीर

आंवले का सेवन करने से शरीर डिटॉक्सीफाई होता है। यानी कि सही आहार न लेने की वजह से जो विषैले पदार्थ शरीर में जमा हो जाते हैं, बार-बार पेशाब के रास्ते यह इन्हें शरीर से बाहर कर देता है।

दुरुस्त होता है पाचन तंत्र

फाइबर की तो आंवले में प्रचुरता होती ही है, साथ में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं, जिनसे अल्सर, गैस्ट्रिक और पाचन तंत्र से संबंधित अन्य परेशानियां दूर ही रहती हैं और यदि शरीर पहले से ही इनकी चपेट में आ चुका है तो आंवले के सेवन से इनका इलाज हो जाता है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा

एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी जैसे गुणों के आंवले में होने की वजह से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता इतनी अच्छी बनी रहती है कि बदलते मौसम के कारण सर्दी-खांसी व बुखार आदि की चपेट में शरीर आसानी से नहीं आता है। बीमारियों से लड़ने में इसमें मौजूद विटामिन C बड़ा ही प्रभावी होता है।

मजबूत बनती हैं हड्डियां

रोजाना आंवले के रस या आंवले को ही आप अपने आहार में शामिल कर लेते हैं तो आंवले में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण और विटामिन-सी के कारण हड्डियां मजबूत बनी रहती हैं। इससे आगे चलकर आर्थराइटिस की चपेट में आने का अंदेशा कम रहता है।

बढ़ती है आंखों की रोशनी

शहद के साथ मिलाकर आंवले के रस को यदि आप रोज पीते हैं तो इससे आपके आंखों की जो रोशनी कंप्यूटर व स्मार्टफोन के अधिक इस्तेमाल की वजह से कम हुई है या धूल-मिट्टी व प्रदूषण आदि के कारण जो आंखों में जलन एवं संक्रमण की समस्याएं हो रही हैं, उनसे काफी हद तक छुटकारा मिल जाता है।

आंवले का उपयोग

आंवले का सेवन आप कई रूप में कर सकते हैं, जो निम्नवत हैं:

  • आंवले का रस-  आंवले के छोटे-छोटे टुकड़े करके इन्हें पानी में भिंगोकर इन्हें पीसने के बाद आप आंवले का जूस बनाकर सुबह-शाम भोजन से पहले या बाद में पी सकते हैं, जिससे पेट को ठंडक मिलती है।
  • मुरब्बे व अचार के रूप में-  रोजाना आंवले का एक या दो मुरब्बा खाना हितकारी है। साथ ही अचार भी भोजन में शामिल करने से पाचन सही तरीके से होता है।
  • पाउडर के तौर पर- धूप में आंवले को सुखाकर इसे पीसकर इसका चूर्ण या पाउडर बनाकर भी इसका सेवन आप कर सकते हैं।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर सेहत, त्वचा और बालों तक के लिए आंवला अलग-अलग रूप में फायदेमंद है और अपने अंदर ढेरों प्रकार के औषधीय गुणों को यह समेटे हुए है, जिसकी वजह से इसे अमृतफल कहकर बुलाना बिल्कुल भी गलत नहीं होगा।

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