These Health Benefits of Turmeric (Haldi) Will Give You Goosebumps

on June 11, 2020

हल्दी का वानस्पतिक नाम कुरकुमा लोंगा है तथा हल्दी जिंजिबरऐसे कुल का पौधा है। हल्दी को संस्कृत में हरिद्रा, तेलुगू में इसे पसुपु , तमिल में मंजल , कन्नड़ में अरिसिना  तथा इंग्लिश में टर्मरिक कहते है विश्व में सबसे ज्यादा हल्दी साउथ एशिया के भारत, चीन, इंडोनेशिया, ताइवान, हैती, फिलीपींस  आदि देशो में उगायी जाती है चूँकि हम जानते है विश्व की अधिकांश जनसंख्या भी साउथ एशिया में ही निवास करती है। तब यहाँ पर यह ज्ञात करना अति-आवश्यक हो जाता है, कि ऐसा क्या है हल्दी में, जो इसकी भारी मात्रा में पैदावार एवं खपत होती है। हल्दी का इस्तेमाल मसाले के रूप में, औषधी रूप में और किसी शुभ में पीले रंग के रूप में भी होता है। आइये हल्दी तथा उसके फायदों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जानते हैं। 

Turmeric health benefits

सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है हल्दी  

  • हल्दी में विटामिन ए, प्रोटीन, कार्बोहाईड्रेट और मिनरल्स की प्रचुर मात्रा के अलावा एंटी-ऑक्सीडेंट,एंटी-फंगल और एंटीसेप्टिक तत्वों वाले कई सारे औषधिय गुण पाए जाते हैं। हल्दी हमारे शरीर को अंदर से फिट रखने के साथ-साथ बाहर से भी निखारने का काम करती है,हल्दी-चन्दन के उपटन का प्रयोग हमारी त्वचा को खूबसूरत एवं चमकदार बनाता है,जिसे आयुर्वेद में भी उत्तम बताया गया है। 
  • हल्दी हमारे लीवर को डिटॉक्सीफाई करती है। डिटॉक्सीफाई का मतलब होता है, लीवर के हानिकारक विषैले पदार्थो को बाहर करना। हल्दी में पाए जाने वाले करक्यूमिन तत्व के कारण गाल ब्लैडर यानी पित्त मूत्राशय में पित्त की मात्रा बढ़ जाती है। 
  • हल्दी के एंटी-फंगल,एंटी -वायरल, एंटी- बैक्टीरिया गुण तथा  इसमें पाया जाने वाला लाइपोपोलिसकराइड , हमारी रोग-प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाते है। जिससे हम सर्दी, फ्लू, खांसी आदि का आसानी से सामना कर सकते है। यदि आप सर्दी, फ्लू, खांसी से पीड़ित है , तब आपको 1  गिलास गरम दूध में 1 चम्मच हल्दी का प्रयोग करके पीना चाहिए।  ऐसा करने से आपकी इम्युनिटी बढ़ जाती है और आप पहले से बेहतर महसूस करते है। 
  • हल्दी में  एंटी-सेप्टिक गुण होते हैं , जिस कारण से कटे-फटे स्थानों पर हल्दी का  प्रयोग करते है।  हल्दी कटी -फटी सेल्स की मरम्मत का कार्य तेजी से करती है। हल्दी के द्वारा घाव-संक्रमण को रोकने का कार्य भी किया जाता है। 
  • हल्दी रक्त में इन्सुलिन की मात्रा को कम करने में सहायक होती है जिससे ग्लूकोस का स्तर संतुलन में रहता है। हल्दी में पाया जाने वाला कर्क्यूमिन ग्लूकोस को नियंत्रित करता है।  हल्दी के उपयोग से टाइप 2 डाइबटीज को प्रारंभिक स्तर पर रोका जा सकता है। इसके लिए नियमित रूप से एक चम्मच हल्दी के पाउडर को एक गिलास पानी के साथ दिन में दो बार पीने से डायबिटीज रोग में बार-बार पेशाब की समस्या से छुटकारा मिल जाता है। 
  • आपने घरो में देखा होगा, चोट लगने के बाद हल्दी वाला दूध पीने की सलाह दी जाती है। इसका कारण है हल्दी का प्राकृतिक रूप में एक दर्दनिवारक या पेनकिलर के रूप में कार्य करना। हल्दी में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। जो शरीर में होने वाले दर्द के अलावा सूजन और बहते खून को बहने से रोकती है। 
  • यदि आपकी त्वचा सूरज की गर्मी से झुलस गयी है तथा डार्क हो गयी है।  तब प्रभावित स्थान पर हल्दी, एलोवेरा और शहद का लेप लगाए तथा सूखने पर इसे ठंडे पानी से धोये। यह प्रयोग नियमित रूप से करने पर त्वचा की पुरानी रंगत फिर से लौट आती है। 
  • हल्दी में पाया जाने वाला कर्क्यूमिन तत्त्व शरीर की कैंसर तथा ट्यूमर कोशिकाओं के विकास को रोकने में सहायक होता है। सही मात्रा में हल्दी का डेली सेवन करने से हमारे शरीर में मौजूद कैंसर को बढ़ावा देने वाली कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं। हल्दी पर हुए कई शोधों ये बताते हैं की हल्दी का सेवन करने से कैंसर ट्यूमर भी ख़तम हो सकता है। 
  • हल्दी के एंटी -इंफ्लेमेटरी गुण के कारण हल्दी, अर्थराइटिस तथा रूमेटाइड नामक गठिया रोगो में रामबाण साबित होती है। ठंड के मौसम में, यदि गठिया रोग से पीड़ित व्यक्ति प्रतिदिन कच्ची हल्दी को दूध में उबालकर पीये तो जोड़ो की सूजन एवं दर्द में राहत मिलती है। 
  • हल्दी कॉलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में फायदेमन्द है।  इसके नियमित प्रयोग से सीरम कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम किया जा सकता है।  बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल दिल की बीमारियों उत्पन्न करता है। 
  • गर्मियों में  कच्ची हल्दी की गांठों को उबालकर उसमें शहद मिलाकर कांच के बर्तन में बंद करके रखें। इस मिश्रण का सेवन घमौरिया तथा ऊमस में  फायदेमंद होता है। 
  • नमक मिली हल्दी को मंजन की तरह प्रयोग करने से दांतों का पीलापन तो दूर होता ही है मसूढों में भी मजबूती आती है। बराबर मात्रा में काले नमक और हल्दी का सेवन पेट की गैस दूर करता है। 

हल्दी के अन्य उपयोग  

  • भारतमें खाद्य पदार्थो में मसाले के रूप में हल्दी का उपयोग होता है।  
  • हल्दीकी चाय भी बना सकते हैं। इसमें स्वाद के लिए थोड़ा-सा शहद मिक्स कर सकते हैं 
  • हल्दीको नारियल तेल के साथ बालो में लगाने से यह एंटी-डेन्ड्रफ का कार्य करता है।  
  • वैवाहिककार्यो में हल्दी के उपटन का प्रयोग शारीरिक सुंदरता बढाने के लिए किया जाता है 

चलते-चलते 

भारत विश्व में हल्दी का सबसे बड़ा उत्पादक, उपभोक्ता एवं निर्यातक देश है। विश्व को 80% हल्दी की आपूर्ति भारत करता है, भारत की हल्दी को उत्तम माना जाता है।  इसे 'भारत की केसर' भी कहा जाता है तथा अपने अनेक औषधीय गुणों के कारण इसे 'रसोई के डॉक्टर' की संज्ञा भी दी गयी है।  

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